दुकान का रजिस्ट्रेशन बिहार में: शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट के नए नियम और ट्रेड लाइसेंस
1 जून 2026 से बिहार का शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट क़ानून ख़त्म हो गया। अब सिर्फ़ 10 या ज़्यादा कामगार वाली दुकानों को लेबर रजिस्ट्रेशन कराना है। ट्रेड लाइसेंस समेत पूरी जानकारी।
Bihar Directory Team · · 6 मिनट पढ़ें
नई दुकान खोलने वाले लगभग हर व्यापारी का सवाल होता है — दुकान का रजिस्ट्रेशन कहाँ और कैसे कराएँ, और ट्रेड लाइसेंस अलग से चाहिए या नहीं? 2026 में बिहार में इसका नियम बदल गया है, और इंटरनेट पर बहुत-सी पुरानी जानकारी अब गलत है। इस लेख में आसान भाषा में जानिए कि अब किस दुकान को लेबर रजिस्ट्रेशन कराना है, किसे नहीं, नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस कैसे बनता है, और बाकी कौन-से कागज़ ज़रूरी हैं।
सीधी बात: 2026 में नियम क्या है?
- बिहार का अलग शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट क़ानून 1 जून 2026 से अध्यादेश (ऑर्डिनेंस) के ज़रिए ख़त्म कर दिया गया।
- अब दुकानें और प्रतिष्ठान केंद्र के व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-दशा संहिता, 2020 (OSH Code) और उसके तहत बने बिहार नियमों के दायरे में हैं।
- लेबर रजिस्ट्रेशन सिर्फ़ उन्हीं दुकानों-प्रतिष्ठानों के लिए ज़रूरी है जहाँ 10 या उससे ज़्यादा कामगार हैं — चाहे शहर में हों या गाँव में।
- 10 से कम कामगार वाली छोटी दुकानों को अब यह अलग रजिस्ट्रेशन नहीं कराना — लेकिन ट्रेड लाइसेंस, GST (अगर सीमा से ऊपर) और खाने के सामान के लिए FSSAI जैसे कागज़ फिर भी ज़रूरी हैं।
नियम नया है, इसलिए कोई भी कदम उठाने से पहले श्रम संसाधन विभाग, बिहार या ज़िले के श्रम कार्यालय से ताज़ा स्थिति ज़रूर पूछ लें।
नियम कैसे बदला — छोटी-सी कहानी
- पहले बिहार में बिहार शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट एक्ट, 1953 लागू था, जिसमें अधिसूचित इलाकों की छोटी दुकानों से भी रजिस्ट्रेशन की उम्मीद की जाती थी।
- 2025 में राज्य ने नया क़ानून बनाया, जिसमें 10 या ज़्यादा कामगार वाली जगहों के लिए रजिस्ट्रेशन का नियम था।
- 21 नवंबर 2025 को केंद्र का OSH Code पूरे देश में लागू हुआ, जो इन्हीं बातों को कवर करता है।
- दोहरे नियम हटाने के लिए राज्यपाल ने 28 मई 2026 को अध्यादेश मंज़ूर किया, जो 1 जून 2026 से लागू हुआ।
- जुलाई 2026 के मानसून सत्र में इसे स्थायी बनाने के लिए विधानसभा में विधेयक भी लाया गया।
मेरी दुकान को रजिस्ट्रेशन चाहिए या नहीं?
सबसे पहले अपने कामगार गिनिए — सेल्समैन, हेल्पर, रसोइया, सफ़ाई वाले, डिलीवरी वाले, सब जिन्हें आप तनख़्वाह या मज़दूरी देते हैं, ठेकेदार के ज़रिए रखे गए लोग भी।
- डेहरी की किराना दुकान: मालिक, बेटा और दो हेल्पर — 10 से कम, अलग लेबर रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं।
- पटना के बोरिंग रोड का कपड़ा शोरूम, 14 स्टाफ़: रजिस्ट्रेशन ज़रूरी।
- मुसल्लहपुर का कोचिंग सेंटर, 6 टीचर और 5 ऑफ़िस स्टाफ़: कुल 11, रजिस्ट्रेशन ज़रूरी।
- गया का रेस्टोरेंट, 9 स्टाफ़: शादी के सीज़न में 3 लोग और रखे, तो 10 पार — तब रजिस्ट्रेशन ज़रूरी हो जाएगा।
10 से ज़्यादा कामगार हैं तो रजिस्ट्रेशन कैसे कराएँ?
रजिस्ट्रेशन अब ऑनलाइन होता है:
- श्रम संसाधन विभाग, बिहार के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाएँ (विभाग की वेबसाइट bihar.gov.in से जुड़ी है)। लिंक न मिले तो ज़िले के श्रम अधीक्षक कार्यालय में पूछें।
- मालिक के मोबाइल, ईमेल और PAN से लॉगिन बनाएँ।
- दुकान की जानकारी भरें — नाम, पता, काम का प्रकार, शुरू होने की तारीख़, कामगारों की संख्या (पुरुष, महिला, ठेके वाले), काम के घंटे और साप्ताहिक छुट्टी।
- कागज़ अपलोड करके जमा करें।
- सर्टिफिकेट ऑनलाइन मिलता है। बिहार के नियमों के सारांश के मुताबिक़, 7 दिन में फ़ैसला न होने पर आवेदन मंज़ूर मान लिया जाता है।
- मालिक, पता या कामगारों की संख्या बदले तो 30 दिन के अंदर जानकारी दें।
फ़ीस, अगर लगती है, तो पोर्टल पर आवेदन के समय दिखेगी। "सेटिंग" का दावा करने वाले दलालों से दूर रहें।
ज़रूरी कागज़
- मालिक या फ़र्म का PAN
- मालिक का आधार
- दुकान के पते का सबूत — किराया अनुबंध या होल्डिंग टैक्स की रसीद
- पार्टनरशिप डीड या कंपनी के कागज़ (अगर लागू हो)
- कामगारों की सूची — नाम, काम और तनख़्वाह
- बोर्ड के साथ दुकान की फ़ोटो
रजिस्ट्रेशन के बाद की ज़िम्मेदारियाँ
हर कामगार को नियुक्ति पत्र (अपॉइंटमेंट लेटर) और पहचान पत्र दें, हफ़्ते में 48 घंटे की सामान्य सीमा का ध्यान रखें, ज़्यादा काम पर ओवरटाइम दें, और पीने का पानी, शौचालय, रोशनी व फ़र्स्ट-एड रखें। स्टाफ़ से जुड़ी बातों के लिए दुकान के लिए स्टाफ़ कैसे रखें पढ़ें।
ट्रेड लाइसेंस क्या है और किसे चाहिए?
लेबर रजिस्ट्रेशन और ट्रेड लाइसेंस दो अलग चीज़ें हैं:
- लेबर रजिस्ट्रेशन: आपके कामगारों से जुड़ा, अब सिर्फ़ 10+ कामगार पर।
- ट्रेड लाइसेंस (नगरपालिका लाइसेंस): नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत से मिलता है, बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत, ताकि आप उस जगह को व्यापार के लिए इस्तेमाल कर सकें। शहर की ज़्यादातर दुकानों को यह चाहिए, चाहे स्टाफ़ कितना भी हो।
ट्रेड लाइसेंस कैसे बनवाएँ?
- अपने नगर निकाय के दफ़्तर जाएँ — पटना में पटना नगर निगम के अंचल (सर्किल) कार्यालय।
- आवेदन फ़ॉर्म भरें — दुकान का नाम, काम, पता, जगह का क्षेत्रफल।
- साथ में दें — पहचान पत्र, PAN, किराया अनुबंध या मालिकाना कागज़, होल्डिंग टैक्स की ताज़ा रसीद, दुकान की फ़ोटो, और लागू हो तो GST या FSSAI।
- तय फ़ीस जमा करें — यह काम के प्रकार और नगर निकाय के हिसाब से अलग होती है।
- लाइसेंस आम तौर पर हर साल नवीनीकरण (रिन्यू) कराना होता है। तारीख़ मोबाइल में याद के लिए डाल दें।
बाकी कौन-से कागज़ ज़रूरी हो सकते हैं?
- उद्यम रजिस्ट्रेशन: मुफ़्त, और लोन-सब्सिडी के लिए बहुत काम का — उद्यम रजिस्ट्रेशन कैसे करें।
- GST: बिहार में सामान की बिक्री ₹40 लाख और सेवा ₹20 लाख सालाना से ऊपर हो तो ज़रूरी — छोटे व्यापारी के लिए GST रजिस्ट्रेशन।
- FSSAI: खाने-पीने का कोई भी सामान बेचते हैं तो — FSSAI रजिस्ट्रेशन।
- दवा दुकान: ड्रग लाइसेंस और रजिस्टर्ड फ़ार्मासिस्ट।
- बड़ी इमारत, कोचिंग, होटल, मैरिज हॉल: फ़ायर NOC।
पूरी सूची अंग्रेज़ी में licences needed to start a business in Bihar में है।
पुराना शॉप रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट है तो क्या करें?
उसे सँभालकर रखें। यह आपकी दुकान के पुराने होने का सबूत है और बैंक खाते या लोन में काम आता है। पुराने क़ानून के तहत पहले से चल रहे मामले उसी क़ानून से निपटेंगे। अगर अब आपके यहाँ 10 या ज़्यादा कामगार हैं, तो नए नियम के तहत भी रजिस्ट्रेशन करा लें।
आम गलतियाँ
- पुराने ब्लॉग पढ़कर हर छोटी दुकान का लेबर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दलाल को पैसे देना।
- ठेके वाले या सीज़नल कामगार न गिनना।
- यह मान लेना कि लेबर रजिस्ट्रेशन से ट्रेड लाइसेंस की ज़रूरत ख़त्म हो गई।
- ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण भूल जाना।
आगे क्या करें
अपने कामगार गिनें, ट्रेड लाइसेंस और बाकी ज़रूरी कागज़ एक बार में पूरे करें, और फिर बिक्री बढ़ाने पर ध्यान दें। Bihar Directory पर अपना बिज़नेस मुफ़्त लिस्ट करें — ग्राहक आपको खोजकर कॉल, WhatsApp या रास्ता देख सकेंगे।
यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। 2025-2026 में बिहार के श्रम नियम बदले हैं; ताज़ा नियम श्रम संसाधन विभाग, बिहार या अपने नगर निकाय से पक्का करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बिहार में हर दुकान का शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?
नहीं। 1 जून 2026 से बिहार का अलग शॉप क़ानून ख़त्म हो गया है। अब OSH Code के तहत सिर्फ़ 10 या उससे ज़्यादा कामगार वाली दुकानों-प्रतिष्ठानों को रजिस्ट्रेशन कराना है।
ट्रेड लाइसेंस कहाँ से बनता है?
अपने नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत से, बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत। पटना में पटना नगर निगम के अंचल कार्यालय में आवेदन होता है।
क्या लेबर रजिस्ट्रेशन और ट्रेड लाइसेंस एक ही हैं?
नहीं। लेबर रजिस्ट्रेशन कामगारों से जुड़ा है, जबकि ट्रेड लाइसेंस नगर निकाय से उस जगह पर व्यापार करने की अनुमति है। शहर की ज़्यादातर दुकानों को ट्रेड लाइसेंस चाहिए।
10 से ज़्यादा कामगार हों तो रजिस्ट्रेशन कैसे कराएँ?
श्रम संसाधन विभाग, बिहार के ऑनलाइन पोर्टल पर PAN, आधार, पते के सबूत और कामगारों की सूची के साथ आवेदन करें। ज़िले का श्रम कार्यालय मदद कर सकता है।
पुराने शॉप रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का क्या करें?
उसे सँभालकर रखें, यह दुकान के पुराने होने का सबूत है। अगर अब 10 या ज़्यादा कामगार हैं, तो नए नियम के तहत भी रजिस्ट्रेशन कराएँ।
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