पीएम विश्वकर्मा योजना क्या है? किसे मिलेगा फ़ायदा और कैसे करें आवेदन
बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, मोची, नाई जैसे कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा योजना में ट्रेनिंग, ₹15,000 के औज़ार और 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक लोन मिलता है। जानिए पात्रता और आवेदन का तरीका।
Bihar Directory Team · · 6 मिनट पढ़ें
अगर आप बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, मोची, नाई, राजमिस्त्री या माला बनाने का काम करते हैं, तो पीएम विश्वकर्मा योजना आपके लिए ही बनी है। इस लेख में सीधी भाषा में बताया गया है कि यह योजना क्या है, किसे मिलेगी, इसमें ट्रेनिंग, औज़ार और सस्ता लोन कैसे मिलता है, और CSC सेंटर जाकर आवेदन कैसे करें — बिना किसी दलाल के।
पीएम विश्वकर्मा योजना क्या है?
यह भारत सरकार के MSME मंत्रालय की योजना है, जो सितंबर 2023 में शुरू हुई। इसका मकसद है कि जो कारीगर हाथ और औज़ार से पुश्तैनी काम करते हैं, उन्हें पहचान मिले, नई ट्रेनिंग मिले, अच्छे औज़ार मिलें और बिना गारंटी के कम ब्याज पर लोन मिले। योजना 2023-24 से 2027-28 तक के लिए है और इसका कुल बजट लगभग ₹13,000 करोड़ है।
सीधे कहें तो यह सिर्फ़ लोन की योजना नहीं है। पहले आपको "विश्वकर्मा" के रूप में पहचान मिलती है, फिर ट्रेनिंग, फिर औज़ार, और उसके बाद लोन। आधिकारिक वेबसाइट है pmvishwakarma.gov.in।
किन 18 कामों के कारीगरों को मिलेगा?
सिर्फ़ इन 18 पारंपरिक कामों वाले लोग रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं:
- बढ़ई (सुथार)
- नाव बनाने वाले
- अस्त्र बनाने वाले (आर्मरर)
- लोहार
- हथौड़ा और औज़ार बनाने वाले
- ताला बनाने वाले
- सुनार
- कुम्हार
- मूर्तिकार, पत्थर तराशने और तोड़ने वाले
- मोची, जूता बनाने वाले कारीगर
- राजमिस्त्री
- टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाले और कॉयर बुनकर
- पारंपरिक गुड़िया और खिलौना बनाने वाले
- नाई
- माला बनाने वाले (मालाकार)
- धोबी
- दर्जी
- मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले
बिहार में ऐसे कारीगर हर गाँव और कस्बे में हैं — नालंदा और गया के कुम्हार, मिथिला और कोसी के बाँस-टोकरी वाले, हर बाज़ार के मोची और दर्जी, और घर बनाने वाले राजमिस्त्री।
पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?
- उम्र कम से कम 18 साल हो।
- आप ऊपर के 18 में से किसी काम में खुद का काम (स्वरोज़गार) करते हों, और रजिस्ट्रेशन के दिन भी वही काम कर रहे हों।
- पिछले 5 साल में PMEGP, पीएम स्वनिधि या मुद्रा जैसी सरकारी क्रेडिट योजना से लोन न लिया हो। पूरा चुका दिए गए लोन के मामले में क्या नियम है, यह पोर्टल के FAQ में ज़रूर देख लें।
- एक परिवार से सिर्फ़ एक सदस्य। यहाँ परिवार का मतलब है पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे।
- सरकारी नौकरी वाला व्यक्ति या उसके परिवार का सदस्य पात्र नहीं है।
ध्यान दें: अगर आप सिर्फ़ रेडीमेड कपड़े खरीदकर बेचते हैं, तो आप व्यापारी हैं, दर्जी नहीं। ऐसे में मुद्रा लोन या बिना गारंटी वाला CGTMSE लोन आपके लिए बेहतर रहेगा।
योजना में क्या-क्या फ़ायदा मिलता है?
1. पहचान: सर्टिफिकेट और ID कार्ड
सत्यापन के बाद पीएम विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और पहचान पत्र मिलता है। यही आगे के सारे फ़ायदों की चाबी है।
2. ट्रेनिंग और रोज़ ₹500 भत्ता
- बेसिक ट्रेनिंग: 5 से 7 दिन की, पहला लोन लेने से पहले ज़रूरी।
- एडवांस ट्रेनिंग: 15 दिन या उससे ज़्यादा, अपनी मर्ज़ी से।
- ट्रेनिंग के हर दिन ₹500 भत्ता मिलता है, ताकि मज़दूरी का नुकसान न हो।
3. औज़ार के लिए ₹15,000 तक
बेसिक ट्रेनिंग शुरू होने पर ₹15,000 तक का ई-वाउचर मिलता है, जिससे आप अपने काम के नए औज़ार खरीद सकते हैं — जैसे कुम्हार के लिए बिजली वाला चाक, दर्जी के लिए अच्छी सिलाई मशीन, बढ़ई के लिए ड्रिल-रंदा। वाउचर को नकद में बेचने की गलती न करें।
4. बिना गारंटी ₹3 लाख तक लोन, सिर्फ़ 5% ब्याज
- पहली किस्त: ₹1 लाख तक, 18 महीने में चुकाना।
- दूसरी किस्त: ₹2 लाख तक, 30 महीने में चुकाना।
- आपको सिर्फ़ 5% ब्याज देना है, बाकी 8% तक ब्याज सरकार बैंक को देती है — लेकिन तभी, जब आपका खाता समय पर चलता रहे।
- कोई ज़मीन-मकान गिरवी नहीं, कोई गारंटी फ़ीस नहीं।
दूसरी किस्त तभी मिलेगी जब पहली किस्त पूरी चुका दी हो, और आपने अपने काम में डिजिटल पेमेंट अपनाया हो या एडवांस ट्रेनिंग पूरी की हो।
5. डिजिटल लेन-देन पर इनाम
हर डिजिटल लेन-देन पर ₹1, महीने में 100 लेन-देन तक। रकम छोटी है, पर UPI से पैसा लेने का रिकॉर्ड बनता है जो अगले लोन में काम आता है। UPI में धोखे से बचने के लिए UPI QR कोड की सावधानियाँ पढ़ें।
6. मार्केटिंग में मदद
क्वालिटी सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग, ऑनलाइन बिक्री से जोड़ना और मेले-प्रदर्शनी में हिस्सा — ये सब भी योजना में शामिल है। ऑनलाइन बेचने के लिए ONDC पर सामान कैसे बेचें देखें।
आवेदन कैसे करें — CSC सेंटर पर पूरा तरीका
रजिस्ट्रेशन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आधार वाले अंगूठे के निशान से होता है। मोबाइल से अकेले पूरा नहीं होता।
- पास का CSC (जन सेवा केंद्र) खोजें। पंचायत भवन पर पूछें या Bihar Directory पर खोजें।
- साथ ले जाएँ: आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल, बैंक पासबुक, और राशन कार्ड (परिवार की जानकारी के लिए)।
- CSC वाले (VLE) आपका बायोमेट्रिक लेकर फ़ॉर्म भरेंगे — नाम, काम, परिवार, बैंक खाता।
- पहला सत्यापन: गाँव में ग्राम पंचायत के मुखिया, और शहर में नगर निकाय जाँचते हैं कि आप सच में यह काम करते हैं।
- दूसरा सत्यापन: ज़िला स्तर की समिति।
- तीसरा: स्क्रीनिंग कमेटी की अंतिम मंज़ूरी।
- सर्टिफिकेट और ID मिलने के बाद ट्रेनिंग का SMS आएगा।
- ट्रेनिंग के बाद पोर्टल से पहले लोन का आवेदन, और बैंक लोन देगा।
आवेदन नंबर संभालकर रखें। अगर कोई "फ़ाइल पास कराने" के नाम पर पैसे माँगे, तो मना करें और पोर्टल पर दिए हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
बिहार के उदाहरण
बिहटा के बढ़ई रामबाबू: हाथ से दरवाज़े और पलंग बनाते हैं। ₹15,000 के वाउचर से बिजली वाला रंदा और ड्रिल लिया, तो एक दरवाज़े का समय लगभग आधा हो गया। ₹1 लाख के लोन से शादी के सीज़न से पहले सूखी लकड़ी थोक में खरीदी।
मुज़फ़्फ़रपुर की दर्जी सुनीता: घर पर ब्लाउज़ और स्कूल ड्रेस सिलती हैं। ट्रेनिंग में नाप-कटिंग और दाम तय करना सीखा। पहला लोन समय पर चुकाया और UPI से पेमेंट लेने लगीं, तो ₹2 लाख लेकर छोटा बुटीक खोलने की तैयारी है। इसके लिए सिलाई-बुटीक बिज़नेस कैसे शुरू करें काम का है।
गया के कुम्हार: दिवाली और छठ में दीया-कलश की माँग बहुत होती है। बिजली वाले चाक और लोन से पहले से माल तैयार कर पाते हैं।
आम गलतियाँ, जिनसे बचें
- गलत काम (ट्रेड) चुनना — पंचायत में जाँच होती है।
- परिवार के दो लोगों का आवेदन — एक ही मान्य होगा।
- बेसिक ट्रेनिंग छोड़ देना — इसके बिना पहला लोन नहीं।
- EMI देर से भरना — 5% वाला सस्ता ब्याज और दूसरी किस्त दोनों हाथ से जा सकते हैं।
- दलाल को पैसे देना — सीधे CSC जाएँ और स्टेटस खुद देखें।
आवेदन से पहले की चेकलिस्ट
- आधार, जिससे चालू मोबाइल नंबर जुड़ा हो
- अपने नाम का बैंक खाता, आधार से जुड़ा
- राशन कार्ड या परिवार की जानकारी
- ₹1 लाख किस काम में लगाएँगे, इसकी साफ़ योजना
- हर महीने लगभग ₹6,000 की किस्त कैसे भरेंगे, इसका हिसाब
आगे क्या करें
अगर आप इन 18 में से कोई काम करते हैं, तो इसी हफ़्ते CSC जाकर रजिस्ट्रेशन कराएँ। साथ ही अपने काम को ग्राहकों तक पहुँचाएँ — Bihar Directory पर अपना बिज़नेस मुफ़्त लिस्ट करें, काम की फ़ोटो और WhatsApp नंबर डालें, ताकि आपके शहर के लोग सीधे आपको कॉल कर सकें। अंग्रेज़ी में पूरी जानकारी के लिए PM Vishwakarma guide for artisans पढ़ें।
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं। आवेदन से पहले ताज़ा नियम pmvishwakarma.gov.in या अपने बैंक से ज़रूर पक्का कर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीएम विश्वकर्मा योजना में कितना लोन मिलता है?
बिना गारंटी कुल ₹3 लाख तक — पहली किस्त ₹1 लाख (18 महीने) और दूसरी किस्त ₹2 लाख (30 महीने), सिर्फ़ 5% ब्याज पर।
पीएम विश्वकर्मा योजना में आवेदन कहाँ करें?
नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर आधार बायोमेट्रिक से pmvishwakarma.gov.in पर रजिस्ट्रेशन होता है। इसके बाद पंचायत या नगर निकाय, ज़िला समिति और स्क्रीनिंग कमेटी सत्यापन करती है।
क्या ट्रेनिंग के दौरान पैसा मिलता है?
हाँ, बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग के दौरान हर दिन ₹500 भत्ता मिलता है।
एक परिवार से कितने लोग आवेदन कर सकते हैं?
सिर्फ़ एक सदस्य। परिवार का मतलब पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे हैं। सरकारी नौकरी वाले और उनके परिवार पात्र नहीं हैं।
औज़ार के लिए कितना पैसा मिलता है?
बेसिक ट्रेनिंग की शुरुआत में ₹15,000 तक का ई-वाउचर मिलता है, जिससे अपने काम के नए औज़ार खरीदे जा सकते हैं।
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