स्टैंड-अप इंडिया लोन: महिला और SC/ST उद्यमियों के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़
महिलाओं और SC/ST उद्यमियों के नए बिज़नेस के लिए बैंक से ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का लोन। जानिए शर्तें, अपना हिस्सा, आवेदन का तरीका और 2026 में योजना की स्थिति।
Bihar Directory Team · · 6 मिनट पढ़ें
अगर आप महिला हैं, या अनुसूचित जाति/जनजाति से हैं, और कुछ बड़ा काम शुरू करना चाहती-चाहते हैं, जैसे फ़ैक्ट्री, शोरूम, बेकरी या डेयरी यूनिट, तो स्टैंड-अप इंडिया लोन आपके काम का है। इसमें बैंक ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का लोन नए उद्यम के लिए देता है। इस लेख में सीधी भाषा में समझिए कि यह लोन किसे मिलता है, अपना कितना पैसा लगता है, आवेदन कहाँ करें और 2026 में योजना की क्या स्थिति है।
स्टैंड-अप इंडिया योजना क्या है?
यह योजना 5 अप्रैल 2016 को शुरू हुई थी। इसके तहत हर व्यावसायिक बैंक की शाखा से कहा गया कि वह कम से कम एक SC या ST उद्यमी और कम से कम एक महिला उद्यमी को नया काम शुरू करने के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का लोन दे।
यह मिला-जुला लोन होता है, यानी मशीन, फ़र्नीचर, दुकान की सजावट के लिए टर्म लोन और माल-स्टॉक के लिए कार्यशील पूँजी, दोनों एक साथ। SIDBI का पोर्टल standupmitra.in आवेदक को बैंक से और ट्रेनिंग-मार्गदर्शन देने वाली संस्थाओं से जोड़ता है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार अब तक लाखों खातों में लोन मंज़ूर हुआ है और इनमें सबसे बड़ा हिस्सा महिलाओं का है।
2026 में योजना की स्थिति — पहले यह पढ़ें
वित्तीय सेवा विभाग के अनुसार यह योजना 31 मार्च 2025 तक के लिए मंज़ूर थी। केंद्रीय बजट 2025-26 में सरकार ने पहली बार उद्यम शुरू करने वाली 5 लाख महिलाओं, SC और ST उद्यमियों के लिए ₹2 करोड़ तक के टर्म लोन वाली नई योजना की घोषणा की, जो स्टैंड-अप इंडिया के अनुभव पर आधारित है।
इसलिए फ़ाइल बनाने से पहले अपनी बैंक शाखा से, या standupmitra.in और jansamarth.in पोर्टल पर, पता कर लें कि अभी कौन-सी योजना किन शर्तों पर आवेदन ले रही है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट, अपना हिस्सा और नए उद्यम वाली शर्त लगभग वैसी ही रहने की संभावना है, इसलिए आपकी तैयारी बेकार नहीं जाएगी।
कौन ले सकता है यह लोन?
- कोई भी महिला, किसी भी जाति या धर्म की, या SC/ST वर्ग के पुरुष और महिला
- उम्र 18 साल से ज़्यादा
- काम नया होना चाहिए, यानी उस क्षेत्र में आपका पहला उद्यम
- मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, ट्रेडिंग और खेती से जुड़े काम (डेयरी, मछली पालन, मुर्गीपालन, फ़ूड प्रोसेसिंग); सिर्फ़ फ़सल उगाने का लोन इसमें नहीं
- साझेदारी फ़र्म या कंपनी में कम से कम 51% हिस्सा और नियंत्रण महिला या SC/ST व्यक्ति के पास
- किसी बैंक या वित्तीय संस्था का डिफ़ॉल्टर नहीं होना चाहिए
PMEGP में सिर्फ़ ट्रेडिंग वाला काम नहीं चलता, पर स्टैंड-अप इंडिया में चलता है। यही इसका बड़ा फ़ायदा है।
अपना कितना पैसा लगाना होगा?
- मार्जिन मनी प्रोजेक्ट लागत का 15% तक
- इसमें कम से कम 10% आपकी अपनी जेब से
- बाक़ी 5% तक किसी केंद्र या राज्य योजना की मार्जिन मदद से आ सकता है
- बैंक लोन लगभग 85% तक हो सकता है
₹10 लाख तक की कार्यशील पूँजी कैश क्रेडिट या ओवरड्राफ्ट के रूप में दी जा सकती है, और निकासी के लिए RuPay डेबिट कार्ड मिलता है।
ब्याज, चुकाने की अवधि और गारंटी
- ब्याज: उस श्रेणी के लिए बैंक की सबसे कम लागू दर, जो बैंक की आधार दर (MCLR) + 3% + अवधि प्रीमियम से ज़्यादा न हो। असल दर बैंक और आपकी प्रोफ़ाइल पर निर्भर है।
- अवधि: 7 साल तक, जिसमें 18 महीने तक की मोहलत (मोरेटोरियम) शामिल हो सकती है।
- गारंटी: लोन से बनी संपत्ति (मशीन, स्टॉक) पर सुरक्षित रहता है, और स्टैंड-अप इंडिया के क्रेडिट गारंटी फ़ंड से कवर हो सकता है, जिससे ज़मीन-मकान की गारंटी ज़रूरी न रहे। बैंक से साफ़ पूछें। गारंटी फ़ंड कैसे काम करता है, यह बिना गारंटी बिज़नेस लोन (CGTMSE) वाले लेख में समझाया है।
उदाहरण: भागलपुर में सिल्क साड़ी शोरूम
अनीता भागलपुर में भागलपुरी सिल्क की साड़ियों का शोरूम खोलना चाहती हैं, जहाँ बुनकरों से माल लेकर बेचेंगी।
- दुकान की सजावट, काउंटर, रैक, लाइट: ₹5,00,000
- बिलिंग कंप्यूटर, CCTV, जेनरेटर: ₹1,50,000
- साड़ियों का शुरुआती स्टॉक और कार्यशील पूँजी: ₹13,50,000
- कुल प्रोजेक्ट: ₹20,00,000
पैसे का इंतज़ाम:
- अपना हिस्सा कम से कम (10%): ₹2,00,000
- किसी और योजना से मदद न मिले तो पूरा 15%: ₹3,00,000
- बैंक लोन (85%): ₹17,00,000
उदाहरण के तौर पर 10% ब्याज मानें, तो 18 महीने की मोहलत के बाद बचे 66 महीनों में ₹17 लाख चुकाने की किस्त लगभग ₹33,500 महीना बनेगी। प्रोजेक्ट रिपोर्ट में दिखाना होगा कि दुकान का ख़र्च और घर का ख़र्च निकालकर भी इतनी किस्त आराम से निकलेगी।
एक और उदाहरण: आरा के एक SC युवक ₹12 लाख में सीमेंट ब्लॉक बनाने की यूनिट लगाना चाहते हैं। उन्हें कम से कम ₹1.2 लाख अपना लगाना होगा और लगभग ₹10.2 लाख तक बैंक लोन मिल सकता है।
ज़रूरी कागज़ात
- आधार, पैन और फ़ोटो (सभी साझेदारों के भी)
- SC/ST आवेदकों के लिए जाति प्रमाण पत्र
- घर और दुकान/यूनिट के पते का प्रमाण
- किरायानामा या मालिकाना कागज़
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट, कोटेशन और 5 साल का अनुमानित हिसाब
- साझेदारी डीड या कंपनी के कागज़ (अगर लागू हो)
- 6 से 12 महीने का बैंक स्टेटमेंट और ITR (अगर है)
- काम शुरू होने पर उद्यम रजिस्ट्रेशन
प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का आसान तरीका लोन के लिए बिज़नेस प्लान कैसे बनाएँ में पढ़ें।
आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप
- standupmitra.in पर उधारकर्ता के रूप में रजिस्टर करें।
- अगर आपको मदद चाहिए, तो "ट्रेनी बॉरोअर" चुनें। पोर्टल आपको ट्रेनिंग, EDP, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और लाइसेंस में मदद करने वाली संस्थाओं से जोड़ता है, जैसे ज़िला उद्योग केंद्र और लीड बैंक।
- तैयार हैं तो "रेडी बॉरोअर" चुनकर काम, लोन राशि और पसंदीदा बैंक भरें।
- सीधे किसी भी व्यावसायिक बैंक शाखा में जाकर या अपने ज़िले के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM) से भी संपर्क कर सकते हैं। पटना से पूर्णिया तक हर ज़िले में LDM कार्यालय है।
- बैंक आपका सिबिल देखेगा, जगह का निरीक्षण करेगा और प्रोजेक्ट जाँचेगा।
- मंज़ूरी के बाद अपना हिस्सा जमा करें; लोन किस्तों में मिलेगा।
आवेदन से पहले अपना सिबिल ज़रूर देख लें, छोटा-सा पुराना बकाया भी फ़ाइल रोक सकता है। इसके लिए सिबिल स्कोर कैसे सुधारें पढ़ें।
आम ग़लतियाँ
- पहले से चल रहे काम के लिए आवेदन करना, जबकि योजना सिर्फ़ नए उद्यम के लिए है
- कागज़ पर महिला का नाम, पर काम कोई और चलाए; बैंक असली नियंत्रण देखता है
- ₹10 लाख से कम की ज़रूरत हो तो मुद्रा लोन बेहतर है
- अपना 10% हिस्सा पहले से खाते में तैयार न रखना
- बिक्री का अनुमान बहुत ज़्यादा लगाना
आगे क्या करें
अपने बैंक या LDM से पक्का करें कि अभी कौन-सी योजना खुली है, एक सच्ची प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाएँ और अपना हिस्सा तैयार रखें। अंग्रेज़ी में विस्तृत जानकारी के लिए Stand-Up India loan guide देखें। काम शुरू होते ही Bihar Directory पर अपना बिज़नेस मुफ़्त लिस्ट करें, ताकि ग्राहक आपको कॉल, WhatsApp और रास्ता देखकर ढूँढ सकें।
यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी या वित्तीय सलाह नहीं। ताज़ा नियम अपने बैंक, LDM या standupmitra.in से ज़रूर पक्का करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्टैंड-अप इंडिया में कितना लोन मिलता है?
नए बिज़नेस के लिए बैंक से ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का लोन मिलता है, जिसमें मशीन-सामान का टर्म लोन और कार्यशील पूँजी दोनों शामिल हो सकते हैं।
स्टैंड-अप इंडिया लोन कौन ले सकता है?
18 साल से ऊपर की कोई भी महिला, या SC/ST वर्ग का कोई भी व्यक्ति, जो पहली बार नया उद्यम शुरू कर रहा हो। फ़र्म या कंपनी में कम से कम 51% हिस्सेदारी और नियंत्रण महिला या SC/ST व्यक्ति के पास होना चाहिए।
अपना कितना पैसा लगाना पड़ता है?
मार्जिन मनी प्रोजेक्ट लागत का 15% तक हो सकती है, जिसमें कम से कम 10% आपका अपना पैसा होना चाहिए। बाक़ी किसी दूसरी सरकारी योजना की मदद से आ सकता है।
क्या स्टैंड-अप इंडिया से दुकान या ट्रेडिंग का काम शुरू कर सकते हैं?
हाँ, इस योजना में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस के साथ ट्रेडिंग और खेती से जुड़े काम जैसे डेयरी, मछली पालन, फ़ूड प्रोसेसिंग भी शामिल हैं।
क्या 2026 में यह योजना चालू है?
यह योजना 31 मार्च 2025 तक के लिए मंज़ूर थी और बजट 2025-26 में पहली बार उद्यम शुरू करने वाली महिलाओं और SC/ST के लिए ₹2 करोड़ तक के टर्म लोन की नई योजना की घोषणा हुई। अभी कौन-सी योजना खुली है, यह अपने बैंक या standupmitra.in पर पक्का करें।
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