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ONDC पर सामान कैसे बेचें? छोटे दुकानदारों के लिए पूरी जानकारी

ONDC से आपकी दुकान का सामान कई ऑनलाइन ऐप पर एक साथ दिख सकता है। जानिए रजिस्ट्रेशन, कागज़, GST, फीस और डिलीवरी का पूरा तरीका, आसान भाषा में।

Bihar Directory Team · · 6 मिनट पढ़ें

अगर आपकी पटना, गया, सासाराम या दरभंगा में दुकान है और आप सोच रहे हैं कि ONDC पर सामान कैसे बेचें, तो यह लेख आपके लिए है। यहाँ आसान भाषा में समझाया गया है कि ONDC असल में क्या है, seller app कैसे चुनें, कौन से कागज़ लगेंगे, GST का क्या नियम है, पैसा कितना कटता है और डिलीवरी कैसे होगी।

ONDC का पूरा नाम है Open Network for Digital Commerce। यह कोई एक शॉपिंग ऐप नहीं है, बल्कि सरकार की पहल से बना एक खुला नेटवर्क है। इसमें कई ग्राहक वाले ऐप और कई विक्रेता वाले ऐप एक ही नियम से आपस में जुड़े रहते हैं।

ONDC क्या है और Amazon-Flipkart से कैसे अलग है?

बड़े marketplace पर एक ही कंपनी दुकान भी चलाती है, नियम भी बनाती है और कमीशन भी तय करती है। ONDC में काम बँटा हुआ है:

  • Buyer app — जहाँ ग्राहक सामान खोजता और ऑर्डर करता है
  • Seller app — जहाँ आप अपना सामान डालते हैं, ऑर्डर देखते हैं और पेमेंट का हिसाब मिलता है
  • Logistics partner — जो सामान उठाकर ग्राहक तक पहुँचाता है
  • ONDC — जो सबके लिए एक जैसा नियम (protocol) तय करता है

सीधी बात यह है कि आप एक seller app पर अपनी सूची बनाइए, और आपका सामान नेटवर्क के कई buyer apps पर दिख सकता है। आप किसी एक कंपनी पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहते।

किन दुकानदारों को ONDC आज़माना चाहिए?

  • किराना, मिठाई, बेकरी या नमकीन की दुकान जो शहर के अंदर डिलीवरी कर सके
  • सत्तू, मखाना, अचार, तिलकुट, खाजा जैसे पैक किए सामान बनाने वाले, जिनके पास FSSAI रजिस्ट्रेशन और सही लेबल हो
  • मधुबनी पेंटिंग, सिक्की कला, भागलपुरी सिल्क या हैंडलूम के कारीगर
  • छोटे निर्माता या थोक व्यापारी जो दूसरे शहरों से ऑर्डर चाहते हैं

अगर आपके दाम रोज़ बदलते हैं और आप स्टॉक अपडेट नहीं कर पाते, तो पहले छोटे स्तर से शुरू करें।

ONDC पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप

ONDC पर सीधा रजिस्ट्रेशन नहीं होता। आपको किसी ऐसे seller app पर जुड़ना होता है जो नेटवर्क पर चालू है।

  1. Seller app चुनें। ondc.org पर नेटवर्क से जुड़े ऐप की सूची मिलती है। दो-तीन ऐप की फीस, हिंदी भाषा, डिलीवरी सुविधा और मोबाइल पर आसानी की तुलना करें।
  2. मोबाइल नंबर से साइन-अप करें और दुकान का नाम, पता, कैटेगरी भरें।
  3. KYC पूरी करें — PAN, बैंक खाता, और ज़रूरत हो तो GSTIN, Udyam, FSSAI।
  4. डिलीवरी का इलाका तय करें — कौन से पिन कोड या कितने किलोमीटर तक, और दुकान खुलने का समय।
  5. सामान की सूची (catalogue) बनाएँ — नाम, साफ़ फोटो, MRP, बिक्री दाम, वज़न या पीस, स्टॉक।
  6. डिलीवरी का तरीका चुनें — खुद डिलीवरी, ऐप का logistics partner, या दोनों।
  7. टेस्ट ऑर्डर करें — किसी दोस्त के फोन से एक छोटा ऑर्डर करके देखें कि सब ठीक दिख रहा है।

कागज़ों की सूची

  • PAN कार्ड (दुकान या मालिक का)
  • मालिक का आधार
  • बैंक खाता और कैंसिल चेक
  • GSTIN (अगर है)
  • Udyam रजिस्ट्रेशन — सरकारी योजनाओं में काम आता है
  • खाने-पीने के सामान के लिए FSSAI
  • दुकान की फोटो और पते का प्रमाण

Udyam अभी तक नहीं बनवाया है तो हमारा लेख Udyam रजिस्ट्रेशन कैसे करें पढ़ें, यह मुफ़्त और ऑनलाइन होता है।

क्या ONDC पर बेचने के लिए GST ज़रूरी है?

यह सबसे बड़ा सवाल है। जवाब है — कानून कुछ छोटे विक्रेताओं को बिना GST बेचने देता है, पर कई ऐप फिर भी GST माँगते हैं।

ONDC की टैक्स गाइडेंस के अनुसार 1 अक्टूबर 2023 से बिना GST वाला विक्रेता ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से तभी बेच सकता है जब:

  • उसका टर्नओवर राज्य की GST सीमा से कम हो
  • वह सिर्फ़ अपने राज्य (बिहार) के अंदर बेचे
  • उसके पास PAN हो और GST पोर्टल से enrolment number लिया हो

मतलब पटना की कोई घरेलू बेकरी सिर्फ़ पटना में बेचे तो बिना GSTIN भी काम चल सकता है। लेकिन दिल्ली या कोलकाता भेजना है तो GST रजिस्ट्रेशन चाहिए। पूरी जानकारी के लिए छोटे व्यापारी के लिए GST रजिस्ट्रेशन वाला लेख देखें।

ONDC पर पैसा कितना कटता है?

ONDC सबके लिए एक तय कमीशन नहीं रखता। आपका खर्च आम तौर पर इन चीज़ों से बनता है:

  • Seller app की फीस — महीने का शुल्क, हर ऑर्डर पर फीस, प्रतिशत, या इनका मेल
  • Buyer app का हिस्सा — जो ऑर्डर की शर्तों में दिखता है
  • डिलीवरी चार्ज — अगर ऐप का logistics लेते हैं
  • पेमेंट गेटवे चार्ज — कहीं शामिल, कहीं अलग

उदाहरण लीजिए: सासाराम की मिठाई दुकान 1 किलो खाजा का डिब्बा ₹400 में बेचती है। सारी फीस और डिलीवरी जोड़कर देखें कि खाते में कितना आएगा। अगर मुनाफ़ा बहुत कम बचे, तो ऑनलाइन दाम थोड़ा बढ़ाएँ या न्यूनतम ऑर्डर तय करें। GST वाले विक्रेताओं के पैसे से ऑपरेटर थोड़ा TCS और आयकर का TDS भी काट सकता है, जो बाद में रिटर्न में एडजस्ट होता है। इसलिए हर महीने की settlement रिपोर्ट सँभालकर रखें।

सरकारी मदद: MSME TEAM योजना

MSME मंत्रालय की TEAM (Trade Enablement and Marketing) पहल NSIC के ज़रिए चलती है। इसका मकसद FY 2024-25 से FY 2026-27 के बीच लाखों सूक्ष्म और लघु उद्यमों को ONDC पर लाना है, और इनमें आधी महिलाओं की इकाइयाँ हों। ONDC के आधिकारिक MSME TEAM पेज के अनुसार इसके लिए वैध Udyam रजिस्ट्रेशन चाहिए और आप पहले से ONDC विक्रेता न हों। प्रोत्साहन उन्हीं इकाइयों को है जिनका मुख्य काम निर्माण (manufacturing) या सेवा है। आवेदन से पहले पात्रता ज़रूर जाँच लें।

बिहार में डिलीवरी कैसे सँभालें?

  • शहर के अंदर: पटना, मुज़फ़्फ़रपुर, गया में किराना, मिठाई, बेकरी के लिए अपने लड़के से 3-5 किलोमीटर में डिलीवरी सबसे सस्ती और तेज़ रहती है।
  • ऐप का logistics: कई seller app राइडर बुक करते हैं। छोटे कस्बों में यह सुविधा कम मिलती है, इसलिए अपने पिन कोड में पहले जाँचें।
  • दूसरे शहर: हैंडीक्राफ्ट, सत्तू, मखाना जैसे न खराब होने वाले सामान कूरियर से भेजें। पैकिंग मज़बूत रखें, टूटा सामान लौटेगा तो दोहरा नुकसान होगा।

स्टॉक खत्म होते ही ऐप में "out of stock" कर दें। ऑर्डर कैंसिल करने से आपकी रेटिंग गिरती है।

ज़्यादा ऑर्डर पाने के आसान तरीके

  1. अच्छी फोटो — दिन की रोशनी में, सादे बैकग्राउंड पर, असली सामान की।
  2. वैसा नाम लिखें जैसा लोग खोजते हैं — "सासाराम खाजा 500 ग्राम", न कि "स्पेशल आइटम"।
  3. दाम में बहुत फ़र्क़ न रखें — दुकान और ऑनलाइन दाम में बड़ा अंतर ग्राहक पकड़ लेते हैं।
  4. पैकेट में अपना नंबर और धन्यवाद पर्ची डालें — अगली बार ग्राहक सीधे फोन करेगा।
  5. WhatsApp पर प्रचार करें — स्टेटस पर लिंक डालें। तरीका हमारे लेख WhatsApp Business से ग्राहक बढ़ाएँ में है।
  6. UPI पेमेंट का ध्यान रखें — UPI QR कोड से पेमेंट की सावधानियाँ ज़रूर पढ़ें।

आम गलतियाँ जिनसे बचें

  • बिना फीस और पेमेंट का समय पढ़े किसी ऐप पर साइन-अप कर लेना
  • पहले ही दिन 200 सामान डाल देना और फिर स्टॉक अपडेट न करना
  • बिना GSTIN के बिहार से बाहर बेचना
  • खाने के सामान पर FSSAI नंबर और लेबल न होना
  • हर हफ़्ते ऑर्डर और पेमेंट का मिलान न करना
  • दुकान की बिक्री छोड़कर सिर्फ़ ONDC के भरोसे बैठ जाना

आगे क्या करें

एक seller app चुनिए, अपने 20 सबसे ज़्यादा बिकने वाले सामान अच्छी फोटो के साथ डालिए और एक महीने तक हर ऑर्डर और फीस लिखते रहिए। साथ ही, आस-पास के ग्राहक भी आपको आसानी से खोज सकें, इसके लिए Bihar Directory पर अपना बिज़नेस मुफ़्त लिस्ट करें। अंग्रेज़ी में विस्तार से पढ़ना हो तो हमारी ONDC seller guide देखें।

यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं। फीस और GST नियम अपने seller app, ondc.org और टैक्स सलाहकार से ज़रूर पक्का करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ONDC पर रजिस्ट्रेशन कहाँ करें?

ONDC पर सीधे रजिस्ट्रेशन नहीं होता। आपको किसी seller app (Seller Network Participant) पर खाता बनाना होता है। वही app आपकी KYC करता है और आपका सामान ONDC नेटवर्क के buyer apps तक पहुँचाता है।

क्या ONDC पर बेचने के लिए GST ज़रूरी है?

कानून के हिसाब से हमेशा नहीं। 1 अक्टूबर 2023 से छोटे विक्रेता, जो सिर्फ़ अपने राज्य में बेचते हैं और टर्नओवर GST सीमा से कम है, PAN और GST enrolment number लेकर बेच सकते हैं। लेकिन कई seller app अभी भी GSTIN माँगते हैं, इसलिए पहले पूछ लें।

ONDC पर कितना कमीशन लगता है?

ONDC सबके लिए एक तय कमीशन नहीं रखता। आपको seller app की फीस और ऑर्डर में दिखने वाला buyer app का हिस्सा देना होता है। आम तौर पर यह बड़े marketplace से कम बताया जाता है, पर साइन-अप से पहले रेट कार्ड ज़रूर पढ़ें।

ONDC का ऑर्डर डिलीवर कौन करेगा?

पास के ऑर्डर आप खुद डिलीवर कर सकते हैं, या seller app से जुड़ा logistics partner बुक कर सकते हैं। पटना जैसे बड़े शहरों में pick-up सुविधा ज़्यादा आसानी से मिलती है।

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