पीएम स्वनिधि लोन: रेहड़ी-पटरी वालों के लिए ₹15,000 से ₹50,000 तक, ऐसे करें आवेदन
ठेला-रेहड़ी वालों को अब पीएम स्वनिधि में पहला लोन ₹15,000, फिर ₹25,000 और ₹50,000 मिलता है, साथ में 7% ब्याज सब्सिडी और UPI कैशबैक। जानिए आवेदन कैसे करें।
Bihar Directory Team · · 6 मिनट पढ़ें
ठेला, रेहड़ी, पटरी या फेरी लगाकर सब्ज़ी, फल, चाट, चाय, मोमो, कपड़े या छोटा-मोटा सामान बेचने वाले भाइयों-बहनों के लिए पीएम स्वनिधि लोन सबसे आसान सरकारी लोन है। 2025 में इस योजना में बड़े बदलाव हुए — अब पहला लोन ₹15,000 का है। इस लेख में जानिए नई रकम, ब्याज में छूट, UPI पर कैशबैक, क्रेडिट कार्ड, और नगर निगम से सर्टिफिकेट या सिफ़ारिश पत्र लेकर आवेदन करने का पूरा तरीका।
पीएम स्वनिधि योजना क्या है?
पीएम स्वनिधि (प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि) केंद्र सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की योजना है। यह जून 2020 में लॉकडाउन के बाद रेहड़ी-पटरी वालों का काम फिर से खड़ा करने के लिए शुरू हुई थी। इसमें बिना गारंटी छोटा लोन मिलता है, और समय पर चुकाने पर अगला लोन बड़ा होता जाता है।
27 अगस्त 2025 को केंद्रीय कैबिनेट ने योजना को नया रूप दिया और इसे 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दिया। आधिकारिक पोर्टल है pmsvanidhi.mohua.gov.in।
2025 में क्या-क्या बदला?
- पहला लोन ₹10,000 से बढ़कर ₹15,000।
- दूसरा लोन ₹20,000 से बढ़कर ₹25,000।
- तीसरा लोन पहले की तरह ₹50,000 तक।
- दूसरा लोन चुकाने वालों को UPI से जुड़ा RuPay क्रेडिट कार्ड, ₹30,000 तक की लिमिट।
- डिजिटल लेन-देन पर कुल ₹1,600 तक कैशबैक।
- अब योजना सिर्फ़ नगर निगम वाले शहरों तक नहीं, बल्कि जनगणना कस्बों (census towns) और शहर से सटे इलाकों तक भी।
बिहार के लिए आख़िरी बदलाव बहुत काम का है, क्योंकि पटना, गया, मुज़फ़्फ़रपुर, भागलपुर जैसे शहरों के आसपास के बहुत से बाज़ार नगर निगम की सीमा से बाहर हैं।
कितना लोन, कितने दिन में चुकाना?
- पहला लोन: ₹15,000 तक, 12 महीने में।
- दूसरा लोन: ₹25,000 तक, 18 महीने में — पहला चुकाने के बाद।
- तीसरा लोन: ₹50,000 तक, 36 महीने में — दूसरा चुकाने के बाद।
ब्याज बैंक या संस्था की अपनी दर से लगता है, लेकिन सरकार हर साल 7% ब्याज सब्सिडी आपके लोन खाते में वापस डालती है — शर्त यह है कि किस्तें समय पर जाएँ। कोई गारंटी नहीं, और समय से पहले चुकाने पर कोई जुर्माना नहीं।
एक उदाहरण
पटना के राजेंद्र नगर में गोलगप्पे का ठेला लगाने वाले मनोज ने ₹15,000 का पहला लोन लिया। इससे उसने थोक में आटा, तेल और मसाला खरीदा, और एक नया स्टील का ठेला बनवाया। किस्त महीने में करीब ₹1,300-1,400 बनती है, यानी रोज़ ₹50 से भी कम। महाजन के रोज़ के ब्याज से यह कहीं सस्ता है, और 7% सब्सिडी वापस आने से असली खर्च और कम हो जाता है। समय पर चुकाया तो अगली बार ₹25,000, फिर ₹50,000 मिल सकता है।
UPI से पेमेंट लेने पर कैशबैक
- ग्राहक से पेमेंट: हर डिजिटल लेन-देन पर ₹1, महीने में ₹100 तक।
- थोक खरीद: ₹2,000 से ऊपर की डिजिटल खरीद पर ₹20, तिमाही में 5 बार तक।
- कुल कैशबैक ₹1,600 तक।
कैशबैक से ज़्यादा ज़रूरी है रिकॉर्ड — UPI का हर लेन-देन आपकी कमाई का सबूत बनता है, जिसे देखकर बैंक अगला लोन देता है। नकली पेमेंट स्क्रीनशॉट से बचने के लिए UPI QR कोड की सावधानियाँ ज़रूर पढ़ें।
क्रेडिट कार्ड किसे मिलेगा?
जो वेंडर दूसरा लोन पूरा चुका देगा, उसे UPI से जुड़ा RuPay क्रेडिट कार्ड मिल सकता है, लिमिट ₹30,000 तक। इससे आप थोक वाले को QR स्कैन करके पेमेंट कर सकते हैं। पर ध्यान रहे — बिल हर महीने पूरा भरें, वरना क्रेडिट कार्ड का ब्याज बहुत महँगा पड़ता है। CIBIL स्कोर कैसे सुधारें में इसका फ़ायदा समझाया गया है।
पात्रता — कौन ले सकता है यह लोन?
- उम्र 18 साल या उससे ज़्यादा।
- आप उसी इलाके में ठेला-पटरी लगाते हों जहाँ आवेदन कर रहे हैं। आधार का पता अलग हो तो भी चलेगा।
- इनमें से कोई एक कागज़ होना चाहिए:
- नगर निकाय या टाउन वेंडिंग कमेटी का वेंडिंग सर्टिफिकेट (CoV) या पहचान पत्र, या
- सर्वे में नाम छूट गया हो तो नगर निकाय या टाउन वेंडिंग कमेटी का सिफ़ारिश पत्र (LoR), या
- शहर से सटे इलाके या जनगणना कस्बे में BDO से मंज़ूर सिफ़ारिश पत्र।
अगर आपके पास इनमें से कुछ नहीं है, तो अपने नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत के दफ़्तर में जाकर LoR की प्रक्रिया पूछें। गाँव-कस्बे के बाज़ार में हैं तो प्रखंड कार्यालय (BDO) में पूछें।
ज़रूरी कागज़ात
- वेंडिंग सर्टिफिकेट, ID कार्ड या LoR
- आधार कार्ड
- बचत खाते की पासबुक
- बैंक खाते से जुड़ा चालू UPI ID
- मोबाइल नंबर (आधार से जुड़ा हो तो बेहतर)
आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप
- नगर निकाय, टाउन वेंडिंग कमेटी या BDO से CoV, ID या LoR लें।
- बैंक खाता चालू रखें और UPI ID बना लें।
- पीएम स्वनिधि पोर्टल या मोबाइल ऐप पर आवेदन करें। खुद न भर पाएँ तो नगर निगम के हेल्प डेस्क या पास के CSC सेंटर से मदद लें।
- बैंक या संस्था चुनें — आवेदन वहाँ पहुँच जाता है।
- बैंक जाँच के बाद पैसा सीधे आपके खाते में डालता है।
- बिक्री और खरीद में UPI चलाएँ, ताकि कैशबैक मिले।
- किस्त समय पर भरें, 7% सब्सिडी खाते में आती रहेगी।
आवेदन की कोई फ़ीस नहीं है। लोन "पास" कराने के नाम पर कोई पैसा माँगे तो साफ़ मना करें।
स्वनिधि से समृद्धि — परिवार को और फ़ायदे
लोन लेने वाले वेंडर और उनके परिवार की जानकारी लेकर उन्हें केंद्र सरकार की आठ कल्याण योजनाओं (जैसे बीमा और पेंशन) से जोड़ा जाता है। लोन मिलने पर इसके बारे में ज़रूर पूछें।
आम गलतियाँ
- लोन लेकर भी सिर्फ़ नकद में धंधा करना — कैशबैक और रिकॉर्ड दोनों गए।
- किस्त टालना — सब्सिडी रुक जाती है और अगला लोन भी।
- दलाल के चक्कर में पड़ना।
- महाजन का महँगा कर्ज़ चलते रहने देना — पहले उसे चुकाने की सोचें।
- वेंडिंग सर्टिफिकेट खो देना — जगह को लेकर झगड़ा हो तो यही काम आता है।
चेकलिस्ट
- CoV / ID / LoR तैयार
- अपने नाम का आधार और बैंक खाता
- UPI ID चालू और टेस्ट किया हुआ
- लोन से क्या खरीदेंगे और रोज़ कितना बचाकर किस्त भरेंगे, यह तय
- रोज़ की बिक्री लिखने की आदत — दुकान का हिसाब-किताब कैसे रखें
आगे क्या करें
सबसे पहले अपना वेंडिंग सर्टिफिकेट या LoR बनवाएँ, फिर ऑनलाइन आवेदन करें। अगर आपका ठेला रोज़ एक तय जगह और समय पर लगता है, तो Bihar Directory पर अपना बिज़नेस मुफ़्त लिस्ट करें — आसपास के ग्राहक आपको खोज सकेंगे, कॉल कर सकेंगे और आपके ऑफ़र देख सकेंगे। अंग्रेज़ी में यही जानकारी PM SVANidhi loan for street vendors में है।
यह सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं। लोन की रकम, ब्याज और पात्रता pmsvanidhi.mohua.gov.in या अपने बैंक से पक्का कर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीएम स्वनिधि में अब कितना लोन मिलता है?
2025 के बदलाव के बाद पहला लोन ₹15,000, दूसरा ₹25,000 और तीसरा ₹50,000 तक मिलता है। पिछला लोन चुकाने पर ही अगला मिलता है।
पीएम स्वनिधि में ब्याज पर कितनी छूट है?
सरकार हर साल 7% ब्याज सब्सिडी लोन खाते में डालती है, बशर्ते किस्तें समय पर भरी जाएँ।
वेंडिंग सर्टिफिकेट नहीं है तो क्या करें?
नगर निकाय या टाउन वेंडिंग कमेटी से सिफ़ारिश पत्र (LoR) लें। शहर से सटे इलाके या जनगणना कस्बे में BDO से मंज़ूर LoR भी मान्य है।
पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड किसे मिलता है?
जो वेंडर दूसरा लोन पूरा चुका देते हैं, उन्हें ₹30,000 तक की लिमिट वाला UPI से जुड़ा RuPay क्रेडिट कार्ड मिल सकता है।
पीएम स्वनिधि का आवेदन कहाँ करें?
pmsvanidhi.mohua.gov.in पोर्टल या मोबाइल ऐप पर। मदद के लिए नगर निगम का हेल्प डेस्क या पास का CSC सेंटर काम आ सकता है। आवेदन की कोई फ़ीस नहीं है।
- #पीएम स्वनिधि लोन
- #pm svanidhi loan kaise le
- #रेहड़ी पटरी लोन
- #pm svanidhi apply online
- #ठेला वालों के लिए लोन
- #street vendor loan hindi
- #svanidhi credit card