दुकान का स्टॉक कैसे संभालें — कम पैसे फँसें, सामान ख़त्म न हो
ज़्यादा स्टॉक में पैसा फँसता है, कम स्टॉक में ग्राहक लौट जाता है। तेज़ और धीमे बिकने वाले सामान की पहचान, दोबारा ऑर्डर की सीमा और एक्सपायरी का ध्यान — आसान तरीका।
Bihar Directory Team · · 2 मिनट पढ़ें
किराना, मेडिकल, हार्डवेयर या कपड़े — हर दुकान की सबसे बड़ी पूँजी उसका स्टॉक होता है। ज़्यादा माल रखा तो पैसा फँसता है और सामान पुराना होता है; कम रखा तो ग्राहक ख़ाली हाथ लौटता है और दोबारा नहीं आता।
सामान को तीन हिस्सों में बाँटें
- तेज़ बिकने वाला (A): रोज़ बिकता है — इसका स्टॉक कभी ख़त्म न हो।
- सामान्य (B): हफ़्ते में कुछ बार बिकता है।
- धीमा (C): महीनों में एक-दो बार — इसे कम मात्रा में रखें या ऑर्डर पर मँगाएँ।
अक्सर थोड़े-से सामान से ही ज़्यादातर बिक्री आती है। उन पर सबसे ज़्यादा ध्यान दें।
दोबारा ऑर्डर की सीमा तय करें
हर तेज़ बिकने वाले सामान के लिए एक "न्यूनतम मात्रा" तय करें। जब स्टॉक उससे नीचे जाए, ऑर्डर दें। मोटा हिसाब:
न्यूनतम मात्रा = रोज़ की औसत बिक्री × सप्लायर को माल पहुँचाने में लगने वाले दिन + थोड़ा अतिरिक्त
जैसे रोज़ 10 पैकेट बिकते हैं और सप्लायर 3 दिन लेता है, तो 30 पैकेट पर ऑर्डर करें और 10 अतिरिक्त रखें।
हफ़्ते में एक बार गिनती
सारा स्टॉक रोज़ गिनना संभव नहीं। हर हफ़्ते A सामान गिनें और महीने में एक बार पूरा। गिनती का मिलान बिक्री की कॉपी से करें — फ़र्क़ चोरी, टूट-फूट या ग़लत बिलिंग का संकेत है।
एक्सपायरी और पुराना माल
- "पहले आया, पहले निकला" — नया माल पीछे, पुराना आगे।
- दवा, खाने का सामान और कॉस्मेटिक की एक्सपायरी हर महीने देखें।
- 3 महीने से न बिका सामान छोटे ऑफ़र या कॉम्बो से निकालें।
मौसम और त्योहार
गर्मी में कूलर-पंखे, बरसात में छाते-रेनकोट, त्योहार में पूजा सामग्री और मिठाई के डिब्बे — पिछले साल की बिक्री देखकर पहले से तैयारी करें। पढ़ें: त्योहार के सीज़न में बिक्री कैसे बढ़ाएँ।
सप्लायर से अच्छे रिश्ते
समय पर भुगतान करें — बदले में उधार की अवधि, बेहतर दाम और ज़रूरत पर जल्दी माल मिलता है। दो सप्लायर रखें ताकि एक के पास माल न हो तो काम न रुके।
हिसाब से जोड़ें
स्टॉक की ख़रीद आपके ख़र्च का सबसे बड़ा हिस्सा है — इसे रोज़ के हिसाब में लिखें: दुकान का हिसाब-किताब कैसे रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दुकान में कितना स्टॉक रखना चाहिए?
तेज़ बिकने वाले सामान के लिए इतना कि सप्लायर का नया माल आने तक चल जाए, थोड़ा अतिरिक्त रखकर। धीमे बिकने वाले सामान कम रखें।
दोबारा ऑर्डर कब देना चाहिए?
जब स्टॉक न्यूनतम मात्रा से नीचे जाए — यानी रोज़ की औसत बिक्री × सप्लायर के दिन + थोड़ा अतिरिक्त।
पुराना या न बिकने वाला माल कैसे निकालें?
नया माल पीछे और पुराना आगे रखें, और 3 महीने से न बिका सामान छोटे ऑफ़र या कॉम्बो से निकालें।
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